सनातनधर्म में अग्नि के ही सात फेरे क्यों लिए जाते हैं ?
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सनातनधर्म में अग्नि के ही सात फेरे क्यों लिए जाते हैं ?
यज्ञाग्नि के चारों ओर परिक्रमा करने को फेरे या भांवर फिरना कहते हैं ।
यूं तो शास्त्रों के अनुसार यज्ञाग्नि की चार परिक्रमाएं करने का विधान है , लेकिन लोकाचार की दृष्टि से सात परिक्रमाएं करने की प्रथा है । ये सात फेरे विवाह संस्कार के धार्मिक आधार व अटूट विश्वास के प्रतीक है ।
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