जानिए छोछक व भात क्यों दिया जाता है ?
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विधिवत् ब्याहता पुत्री के पुत्र होने पर उस बच्चे के लिए ननिहाल पक्ष की ओर से वस्त्र , आभूषण आदि भेंट किए जाते हैं ।
इस अवसर पर लड़की , दामाद तथा ससुराल के अन्य मान्य लोगों के लिए भी वस्त्र और भेंट के रूप में धन आदि दिया जाता है । समाज में इस परंपरा को छोछक कहते हैं ।
यह परंपरा बच्चे के नामकरण वाले दिन पूरी की जाती है । अधिकांश घरों में संतान चाहे पुत्र हो या पुत्री माता के मायके वाले छोछक अवश्य देते हैं । पुत्री के बेटे या बेटी के विवाह के समय भी ननिहाल पक्ष की ओर से ऐसी ही रस्म निबाही जाती है । इसे भात देना कहते हैं ।
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