जानिए क्या है पूजा करने का महत्व !
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पूजा शब्द की उत्पत्ति पूज् के साथ ल्युट प्रत्यय लगने से हुई है । जिसका अर्थ है - आराधना करना , अर्चना करना , सादर स्वागत करना , सम्मान करना , श्रद्धापूर्वक भेंट चढ़ाना । सगुणोपासना में पूजा का बड़ा महत्व है । पूजन का प्रचलन वैदिक काल से ही रहा है जिसमें इन्द्र , वरुण , अग्नि , सूर्य , रुद्र आदि देवताओं की पूजा होती है और इनसे अद्भुत परिणाम प्राप्त होते हैं । प्राचीन परम्परा के अनुसार हमें देवार्चन की दो विधियां प्राप्त होती हैं - 1 . योग , 2 . पूजा ।