क्या आप जानते हैं विद्या आरंभ संस्कार क्यों किया जाता है ?
Published Updated
पूरे विश्व में जहां विद्या अध्यापन के नाम पर केवल संस्कृतियों का उत्पादन किया जा रहा था ऐसे समय में भारत वर्ष के भीतर शिक्षा की नींव रखी जा चुकी थी उस समय भारत के अंदर 16 सौ से भी अधिक गुरुकुल माने जाते थे जहां माता-पिता अपने अपने बच्चों को शिक्षा सहित संस्कारों का भी प्रतिपादन करना भली-भांति सीखाने के लिए इन्हे गुरुकुलों में भेजा करते थे। जहां से इनके जीवन की नई शुरुआत होती थी ऐसी स्थिति में जहां यह विद्या का शुभारंभ करते थे व संस्कारों को ग्रहण कर अपने घर आते थे उससे पूर्व यथा विधि जातक को ईश्वर का नाम लेकर सरस्वती की आराधना कर विद्यालय में भेज विद्या का शुभारंभ करना ही विद्यारंभ संस्कार कहलाता था।
तो आइए जानते हैं विद्यारंभ से संबंधित ऐसी ही कुछ रोचक जानकारियों को 👇 नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके