*विवाह से सम्बंधित जानकारी*
Published
हिंदू संस्कृति में विवाह कभी न टूटने वाला एक परम पवित्र धार्मिक संस्कार है । यह दो आत्माओं का पवित्र बंधन है , जिसका उद्देश्य मात्र इंद्रियसुख भोग नहीं , बल्कि पुत्रोत्पादन , संतानोत्पादन कर एक परिवार की नींव डालना है ।
ऋषि श्वेतकेतु का एक संदर्भ वैदिक साहित्य में आया है कि उन्होंने मर्यादा की रक्षा के लिए विवाह प्रणाली की स्थापना की और तभी से कुटुंब व्यवस्था का श्रीगणेश हुआ । आजकल बहुप्रचलित और वेदमंत्रों द्वारा संपन्न होने वाले विवाहों को ब्राह्म विवाह कहते हैं।
विवाह कितने प्रकार के होते हैं एवं विवाह के संबंध में ऐसी ही रोचक बातें जानने हेतु नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें