आप में से बहुत से लोगों का यह प्रश्न होता है कि घर में गणपति की स्थापना करते वक्त किस और सूंड…
आप में से बहुत से लोगों का यह प्रश्न होता है कि घर में गणपति की स्थापना करते वक्त किस और सूंड किए हुए गणेश जी को घर में स्थापित करना चाहिए
तो आइए जानते हैं आपके इस प्रश्न का उत्तर
यदि गणेशजी की स्थापना घर में करनी हो तो दाई ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेशजी शुभ होते हैं। दाई ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेशजी सिद्धिविनायक कहलाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इनके दर्शन से हर कार्य सिद्ध हो जाता है। किसी भी विशेष कार्य के लिए कहीं जाते समय यदि इनके दर्शन करें तो वह कार्य सफल होता है। शुभ फल प्रदान करता है। इससे घर में पॉजीटिव एनर्जी रहती है व वास्तु दोषों का नाश होता है।
घर के मुख्य द्वार पर भी गणेशजी की मूर्ति या तस्वीर लगाना शुभ होता है। यहां बाई ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेशजी की स्थापना करना चाहिए। बाई ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेशजी विघ्नविनाशक कहलाते हैं। इन्हें घर में मुख्य द्वार पर लगाने के पीछे तर्क है कि जब हम कहीं बाहर जाते हैं तो कई प्रकार की बलाएं, विपदाएं या नेगेटिव एनर्जी हमारे साथ आ जाती है।
घर में प्रवेश करने से पहले जब हम विघ्वविनाशक गणेशजी के दर्शन करते हैं तो इसके प्रभाव से यह सभी नेगेटिव एनर्जी वहीं रूक जाती है व हमारे साथ घर में प्रवेश नहीं कर पाती।
यहां एक बात बड़ी विचारणीय है कि हम लोग गणपति महोत्सव के दौरान जो गणेश भगवान अपने घर लाते हैं या गणपति पंडाल में लाते हैं उन गणेश भगवान का अंत में हमें विसर्जन करना अनिवार्य होता है क्योंकि उन गणपति भगवान को हम विघ्न विनाशक के रूप में अपने घर में लाते हैं जिन से हम प्रार्थना करते हैं कि हे बप्पा जितने भी दिन आप हमारे घर पर रहे आप हमारे सभी विघ्नों का हरण कर लें।
इसीलिए उनकी सूंड बाई और होना शुभ है।