गायत्री मंत्र की अधिक महिमा क्यों ?
Published
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सविर्तुवरेण्यं भर्गो
देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ।
गायत्री मन्त्र को अनादि मन्त्र माना गया है । पुराणों के अनुसार सृष्टि रचयिता ब्रह्माजी को गायत्री मंत्र आकाशवाणी से प्राप्त हुआ था । सृष्टि सृजन की क्षमता भी उन्हें गायत्री मंत्र की साधना से ही प्राप्त हुई थी ।
ब्रह्माजी ने इसकी व्याख्या में ही चार वेदों की रचना कर दी थी । इसी कारण गायत्री को वेदमाता भी कहा जाता है ।
ऐसे ही कई प्रकार से है गायत्री मंत्र की महिमा एवं विस्तार गायत्री मंत्र कर सकता है आपके जीवन में कई प्रकार के सु:खों को उजागर
जानिए गायत्री महामंत्र की महिमा का पूरा विस्तार इस ब्लॉग के माध्यम से नीचे दिए गए LEARN MORE बटन पर क्लिक करके