कीर्तन में ताली क्यों बजाते हैं ?
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श्रीरामकृष्ण देव भी कहा करते थे कि ताली बजाकर प्रात: काल और सायंकाल हरिनाम भजा करो । ऐसा करने से सब पाप दूर हो जाएंगे । जैसे पेड़ के नीचे खड़े होकर ताली बजाने से पेड़ की सब चिड़ियां उड़ जाती हैं , वैसे ही ताली बजाकर हरिनाम लेने से देहरूपी वृक्ष से अविद्यारूपी चिड़ियां उड़ जाती हैं ।
प्राचीन काल में मंदिरों में पूजा , आरती , भजन - कीर्तन आदि में समवेत रूप से ताली बजाने की परंपरा रही है , जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने का एक अत्यंत उत्कृष्ट साधन है ।
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