सालों बाद बना अद्भुत संयोग ! मौन रहकर करें पूजा-विधि, दोगुना मिलेगा माघ अमावस्या का फल।*
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माघ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली विशेष अमावस्या को माघ अमावस्या या मौनी अमावस्या कहा गया है। मान्यता है कि इस ख़ास दिन यदि कोई मौन रहकर किसी भी पवित्र नदियों, जलाशय अथवा कुंड में स्नान करता है तो उसके भाग्य खुल जाते हैं। धार्मिक गुरुओं की मानें तो ‘मुनि’ शब्द से ही ‘मौनी’ की उत्पत्ति हुई है। इसी चलते इस दिन मौन रहकर व्रत करने पर पवित्र मुनि पद की प्राप्ति होती है। माघ मास के कृष्ण पक्ष में होने वाले विशेष स्नान का सबसे महत्वपूर्ण पर्व भी अमावस्या ही है, इसलिए इस ख़ास दिन स्नान और दान-पुण्य करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। दुर्गा भवानी ज्योतिष केंद्र के माध्यम से ज्योतिषाचार्य जितेन्द्र सकलानी जी के अनुसार
*मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त है*