कन्या की विवाह बाधा दूर करने के कुछ अद्भुत उपाय....!!!
आज की व्यस्ततम युग में अनेक माता पिता अभिभावक अपनी कन्या के विवाह हेतु योग्य वर की तलाश में होते हैं कहीं कुंडली नहीं मिलती तो कहीं मनव विचार नहीं मिलते या फिर कहीं दहेज रूपी असुर खड़ा रहता है ग्रहों के अशुभ स्थिति उन का प्रमुख कारण होती है जिन का निदान ग्रहों के उपाय अर्थात जप पूजा दान व्रत व अन्य वैदिक अनुष्ठान के माध्यम से स्वयं कर और किसी योग्य कर्मकांडी ब्राह्मण से भी करा सकते हैं इसी कड़ी में मां मंगला गौरी अर्थात मां पार्वती की आराधना प्रमुख होती है शिव गौरी के पूजन से और उनकी कृपा से कोई भी जातक शीघ्र विवाह के बंधन में बंध सकता है!
इस उपाय को पूरी श्रद्धा के साथ करने से विवाह में बाधाएं नहीं आती और शीघ्र विवाह हो जाता है! दुर्गा सप्तशती में मां को प्रसन्न कर हर प्रकार के कार्य सिद्धि के उपाय व मंत्र बताए गए हैं जिन्हें भलीभांति जानकर करने से कोई भी उसका लाभ ले सकता है ऐसे में मां भगवती दुर्गा के
*कात्यायनी स्वरूप की पूजा 21 दिन कर निम्न मंत्रों का जाप करें*।
*कात्यायनी महामाये महायोगिन्य धीश्वरि।* *नंद गोप सुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः।*
शास्त्रों में वर्णित कात्यायनी देवी का अनुष्ठान बड़ा ही सिद्धि प्रद होता है इस मंत्र का श्रद्धा पूर्वक करने से कन्या का विवाह में आने वाली समस्या या विघ्न शीघ्र ही दूर हो जाते हैं वह कन्या का विवाह सकुशल संपन्न हो जाता है
*जप की विधि*
यह जप सूखे केले के पत्ते के आसन पर बैठकर कमलगट्टे की माला से किया जाता है जप के समय सरसों तेल का दीपक जलते रहना चाहिए जिसको अनुष्ठान करना हो उसे पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए 21 दिन तक 41000 जप का पुरश्चरण करना चाहिए!