गणेशजी को कैथ - जामुन , दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं ! गणेशजी का वाहन मूषक ही क्यों ?
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गणेशजी के सम्बन्ध में शतमोदकप्रिय की उक्ति प्रचलित है । इस उक्ति का अर्थ है कि एक बार में सो लड्डू खा जाना गणेशजी को भाता है । उनका प्रिय व्यंजन मिष्ठान होने के कारण वे गुड़ और मोदक का अधिक सेवन करते हैं । मोदक के अभाव में गणेश पूजन भी अधूरा माना जाता है । अधिक मीठा खाने से मधुमेह रोग हो जाता है , जिसकी निवृति हेतु दूब , कैथ और जामुन उपयोगी हैं ।
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